brother and sister audio sex story

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विधवा बहन को चोद चोद कर खुश किया

विधवा बहन की चुदाई की कहानी, हेल्लो दोस्तों , मैं सुभम सिंह आप सभी का नॉन वेज सेक्स स्टोरी me बहुत बहुत स्वागत करता हूँ। मैं नॉन वेज सेक्स स्टोरी डॉट कॉम का नियमित पाठक हूँ। मैं उन्नौज का रहने वाला हूँ। मेरे घर में मम्मी , पापा , मेरी बड़ी दीदी , मैं और मेरा छोटा भाई। मैंने कभी सोचा नही था , कि जो रोज दुसरो की कहानियां पढता है। वो भी अपनी कहानी सुनाये गा। आज मैं आप सभी को अपने जीवनी की सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूँ। मैंने अपनी जिंदगी में कभी भी नही सोचा था की एक दिन ऐसा भी आयेगा कि मुझे अपनी बहन को ही चोदना पड़ेगा। और वो भी अपनी दीदी के कहने पर।Brother And Sister Hindi Sex Story 2022

दोस्तों , मैं बहुत ही सीधा और देखने में काफी स्मार्ट हूँ। मेरी उम्र लगभग 19 साल होगी। मेरी दीदी की कुछ दिन पहले शादी हुई थी। वो अपने घर चली गयी थी। लेकिन कुछ ही दिन बाद मेरे जीजा जी का एक एक एक्सीडेंट में मौत हो गई। जीजा जी मारने के बाद दीदी तो बिल्कुल टूट गई थी न जल्दी कुछ खाती थी और न ही जल्दी हंसती थी। लगभग 6 महीने बाद दीदी कुछ बदलने लगी थी। धीरे धीरे वो जीजा जी को भूलने लगी थी, जब मैं उनको देखता था तो सोचता यार इनके साथ ही ये क्यों हुआ??? फिर कुछ दिनों के बाद वो कुछ कुछ हंसने भी लगी थी।

जब उनको देखता था तो मुझे बहुत दुःख होता था। मेरा मन तो करता था कि दीदी की कही और फिर से शादी करवा देते है लेकिन मम्मी पापा कह रहे थे, अभी कुछ दिन रुक जाओ फिर कहीं और शादी कर देगें, कोई जल्दी थोड़ी ना है। मेरी दीदी देखने में बहुत ही गजब की है, एकदम गोरी गोरी है वो। उनके मम्मे तो बहुत ही मस्त और देखने में टाइट है। मैंने बहुत बार उनके मम्मो को मजक में छुआ है लेकिन मेरे दिमाग में कुछ ऐसी भावना नही थी मै अपनी दीदी की चुदाई के बारे में सोचूं। जब मै छोटा था तो मैं अपनी दीदी से बहुत प्यार करता था, और वो भी मुझे बहुत प्यार करती थी लेकिन जब धीरे धीरे बड़ा होने लगा तो वो भी मुझसे धीरे धीरे दूर रहने लगी।

एक बार की बात है जब मै थोडा छोटा था, मुझे हल्का हल्का याद मै अपनी दीदी के साथ ही लेटता था। मेरी दीदी भी मेरे पास ही लेटती थी। ठंडियो का दिन था, ठंडी बहुत हो रही थी। मै रात को दीदी के साथ में लेटा था। मुझे बहुत ठंडी लग रही थी तो मै अपनी दीदी के चिपक गया और वो भी मुझसे चिपक कर लेट गयी थी।

तब मै बहुत भोला था मुझे इसके बारे में कुछ नही पता था। मै अपनी दीदी से चिपक कर लेटा हुआ था, कुछ देर बाद दीदी को पता नही क्या हुआ, उनका बदन गर्म होने लगा था और वो मुझसे और भी ज्यादा चिपकने लगी थी। मुझे लगा दीदी को भी ठंडी लग रहो होगी इसलिए मुझसे चिपक रही थी। लेकिन कुछ देर बाद वो अपने मम्मो को दबाने लगी। और मेरे हाथो को अपने चूचियो को मसलने लगी थी।choot ki chudai kahani

मैंने दीदी से कहा – आप को क्या हुआ आप क्या कर रही है??? तो दीदी ने बड़े प्यार से कहा – “अरे छोटू मेरे यहाँ पर थोडा सा खुजली हो रही है क्या तुम अपने हाथो से सहला दोगे”। मुझे क्या पता था कि मै उनकी चूची को सहलाने जा रहा हूँ। मैंने उनकी चूची को सहलाना शुरु किया। कुछ देर बाद दीदी ने मेरे हाथो को पकड कर अपने मम्मो को दबाने लगी और वो खुद आहें बहरने लगी। मुझे भी मज़ा आ रहा था दीदी के गुल गुल चूची को दबाने में।

कुछ देर बाद दीदी और भी गर्म हो गई और वो अपने हाथ को अपने सलवार में डाल लिया और अपनी चूत में उंगली करने लगी, मुझे लगा की दीदी की वहां भी खुजली हो रही है तो मैंने दीदी से कहा – वहां भी मै सहला दूँ?? तो दीदी ने कहा – हाँ क्यों नही। उन्होंने अपने सलवार के नारे को खोल कर सलवार नीचे कर दिया और मेरे हाथो को को अपनी चूत के दाने में लगा कर सहलाते हुए कहा – यहीं पर सहलाना। आप ये कहानी नॉन वेज सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे थे. मैंने कहा ठीक है मै बहुत छोटा था इसलिए दीदी बेफिक्र होकर मुझसे अपने चूत में उंगली करवाने लगी।sister chut story

मैंने अपने हाथो की उंगलियो को दीदी की चूत के दाने पर सहला रहा था, कुछ देर बाद दीदी ने मेरे हाथो की उंगलियो को पकड कर अपनी चूत में डालने लगी। और धीरे धीरे सिसकने लगी.. मै अपने उंगलियो को दीदी के चूत में जल्दी जल्दी डालने लगा और दीदी को मज़ा आ रहा था और वो अपने शरीर को ऐंठ रही थी। कुछ देर बाद उनकी चूत गीली हो गयी. और उनको अब अच्छा लगने लगा था। मैंने दीदी से पूछा ये क्या है तो उन्होंने बताया कुछ नही है बस तुम्हारे सहलने से मेरे वहां पर गर्मी लगने लगी थी और पसीना निकलने लगा है।

धीरे धीरे जब मै बड़ा हुआ और मुझे इन सब के बारे में पता चला तब मैंने सोच दीदी ने उस रात मुझसे अपने चूची दबवाई और अपनी चूत में उंगली भी करवाई.

जब दीदी बिधवा हो गई तो अपने घर से चली आई और हमारे ही साथ रहने लगी। लगभग एक साल हो गया जीजा जी को मरे हुए, और अब दीदी भी लगभग जीजा जी को भूल गयी थी। धीरे धीरे दीदी फिर से अच्छे से रहने लगी। मै रोज रात को नॉन वेज सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर एक स्टोरी पढता था। एक दिन मै कहानी पढ़ रहा था, मैंने देखा कि उस पर एक दीदी और छोटे भाई की चुदाई की कहानी पड़ी हुई थी। मैंने कहानी को खोला जिसमे उस लड़के की बहन बहुत खुबसुरत थी बिल्कुल मेरी दीदी की की तरह। उस कहानी को पढने के बाद मेरे मन में बहुत गंदे गंदे ख्याल आने लगे थे दीदी के बारे में। मै दीदी के बारे में न चाहते हुए भी सोच रहा था।

कुछ दिन पहले की बात है, दीदी को रात में डरावाने सपने आते थे तो मम्मी ने मुझे से कहा – मै तो छोटू के पास लेटती हूँ तो तू ही अपनी दीदी के पास लेटजा। मैंने कहा ठीक है मम्मी को क्या पता था की मेरे दीदी एक पास लेटने से दीदी और मै किसी पति पत्नी की तरह चुदाई करने लगेंगे। रात हुई मै दीदी के साथ उनके बगल में लेट गया। दीदी तो जल्दी सो गई लेकिन मुझे कुछ देर तक नीद नही आई, फिर कुछ देर बाद मुझे हल्की हल्की नीद आने लगी थी। इतने में दीदी ने अपने हाथो को मेरे सीने पर रख दिया, मुझे लगा कि ये नीद में होंगी।hindi girl sex kahani

लेकिन इतने में वो मुझसे चिपक गई और नीद में ही मुझे किस करने लगी। मै समझ गया ये जरुर सपना देख रही होंगी। लेकिन जब दीदी मुझसे चिपक गई तो मेरे लंड किसी डंडे की तरह खड़ा हो गया। दीदी ने मेरे हाथो को भी पकड लिया और अपनी चूची पर रख दिया और दबवाने लगी। मै तो बेकाबू होने लगा इसलिए मैंने दीदी को जगा दिया, जब दीदी जाग गयी तो उनको शर्म आने लगी। हम फिर लेट गए इस बार दीदी को नीद नही आया रही थी वो अपनी करवटे बदल रही थी। कुछ देर बाद दीदी ने मेरे उपर हाथ फेरते हुए कहा – “छोटू जब से तुम्हारे जीजा जी मरे है मैंने किसी के साथ सेक्स नही किया लेकिन आज तुम्हारे साथ जो कुछ मैंने सपने में हुआ क्या तुम वो मेरे साथ आज कर सकते हो??? मैंने दीदी से कहा – आप कहना क्या चाहती है की मै आप की चुदाई करू।

तो दीदी ने कहा – आज मै बहुत जोश में हूँ क्या तुम मेरी चूत की प्यास को मिटा सकते हो?? मैंने बहुत देर तक सोचने के बाद मैंने दीदी के कहा – अगर किसी को पता चल गया तो?? तो दीदी ने कहा – कुछ नही होगा।

मै दीदी की चुदाई करने के लिए मन गया, दीदी मेरी बात सुन कर खुश हो गयी। उन्होंने मेरे हाथो को पकड कर अपनी तरफ खीच लिया और मुझको अपनी बाहों में भरते हुए मेरे होठो को चूमने लगी, ऐसा लग रहा था की वो अपनी इतने दिनों की भूख को मिटने में लगी है। वो मेरे होठो को बहुत ही जोश में चूस रही थी। मैंने भी उनको कस कर अपने बाहों में जकड़ लिया और उनके साथ मै भी उनके होठो को चूसते हुए पीने लगा। मैंने कभी सोचा नही था की अपने दीदी को मुझे चोदने का मौका मिलेगा। लगतार दीदी मेरे और मै दीदी के होठो को 30 मिनटों तक चूसते रहे.sister sex story in hindi

बहुत देर तक दीदी के होठो को को चूसते चूसते मेरा जोश इतना बढ़ गया था की मेरा लौडा किसी डंडे की तरह दीदी के जन्घो में चुभ रहा था। दीदी को किस करने के बाद दीदी खुद ही अपने कपड़ो को निकलने लगी। पहले तो उन्होंने अपने ऊपर के समीज को को निकाला, और फिर अपने सलवार को भी निकाल दिया। अब तो कयामत लग रही थी, मैंने भी अपने कपड़ो को निकाल दिया और दीदी के शरीर को अपने हाथो से सहलाने लगा।

जिससे दीदी का तो जोश और भी बढ़ने लगा और उन्होंने मेरे हाथो को अपने चूचियो के अंदर डाल दिया और ब्रा के ऊपर से ही मेरे हाथो को पकड कर दबवाने लगी। मै भी अपने आप से बाहर होने लगा और मैंने दीदी के काले रंग के ब्रा को निकाल दिया और उनके गोरे रंग के मम्मो को दबाने लगा। दीदी को भी मज़ा आने लगा था। मैं उनके मम्मो को दबाते हुए उन्हें पीने लगा। मै दीदी के मम्मो को दबा दबा कर पी रहा था, और दीदी धीरे धीरे …अह्ह्ह अह्ह्ह उफ़ उफ्फ्फ ओह ओह्ह्ह .. करके सिसने लगी थी। मै जानवरों की तरह बहुत देर तक उनके मम्मो को मसलते हुए पीता रहा।

उनके मम्मो को पीने के बाद, मै दीदी के कमर को सहलाते हुए धीरे धीरे उनकी चूत की तरह बढ़ने लगा और दीदी इतनी कामोत्तेजित हो गई थी की वो अपने ही हाथो से अपने मम्मो को मसने लगी थी और अपने शरीर को ऐंठने लगी थी। फिर जब मै दीदी के चूत के पास पहुँच गया तो मैंने पहले तो दीदी के चूत को पैंटी के ऊपर से ही सहलाया और दीदी के चूत को किस भी किया।sister sex story hindi me

आप ये कहानी नॉन वेज सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे थे। फिर मैने दीदी के पैंटी को निकाल दिया और उनकी रसीली और मदहोश करने वाली चूत को पहले अपने हाथो से कुछ देर तक सहलाया और उनकी चूत के दाने से बहुत देर तक खेलता रहा और दीदी धीरे धीरे आंहें भरती रही।

फिर मैंने अपने काले और ठीक से हाथ में न आने वाले लंड को बहर निकाला। मेरा लंड काफी बड़ा था, मैंने दीदी की चूत को पहले अपने लंड से चुम्मा लिया और फिर कुछ देर बाद मैंने दीदी की चूचियो को दबाते हुए अपने लंड को धीरे से दीदी के चूत में उतार दिया। पहले तो दीदी धीरे से चीखी लेकिन मैंने अपना लंड वापस ले लिया। फिर कुछ देर के बाद मैंने अपने लंड को दीदी के चूत में धीरे धीरे डालने और कुछ ही देर में देखते ही देखते मै और भी जोश में आने लगा और मेरे चोदने की स्पीड तेज होने लगी।

और दीदी की चूत भी तेजी खुलने और बंद होने लगी क्योकि मेरा लंड जल्दी जल्दी उनकी चूत में बार बार घुस रहा था। कुछ ही देर में दीदी की चूत रमा हो गयी और उनकी चूत की दीवार से चिपचिपा पदार्थ निकलने लगा और मेरे लंड में पूरी तरह से लग गया, जिससे मेरा लंड दीदी की चूत में अंदर तक जाता और फिर बाहर आता मै लगातार उकी चूत की फ़ैलाने लगा थाbrother sister sexy story in hindi

और दीदी बड़े दर्द से …. आह अहह अहह अहह मम्मी मम्मी … उफ़ उफ्फ्फ उफ्फ्फ्फ़ ऊ ऊ ऊ ऊ ऊ माँ मम्मी अह अहः आहा ओह ओह ओह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह उनहू उनहू उनहू … अहह अह्ह्ह अहह मम्मी भाई थोडा आराम से चोदो न दर्द हो रहा है … अहह अहह उई उई उई … मम्मी मम माँ …. करके चीख रही थी, और एक रफ़्तार में दीदी की चुदाई कर रहा था। लगभग 40 मिनट तक मैंने उनकी चूत को चोदा।

फिर मैंने दीदी को अपने ऊपर बिठा लिया और अपने लंड को उनकी चूत में डाल दिया और उनकी कमर को पकड कर ऊपर नीचे करने लगा, जिससे मेरा लंड दीदी की चूत में अंदर तक जा रहा था और दीदी जोर जोर से आंहें भरते हुए चीख रही थी। कुछ देर बाद दीदी खुद ही ऊपर नीचे होने लगी और अपने मम्मो को दबाते हुए और साथ में अपने बुर के दाने को दर्द से मसल रही थी। मेरा मोटा लंड दीदी की फुद्दी की गहराई को नापने के लिए अंदर तक जा रहा था।hindi sister sex story

मुझे तो बहुत मज़ा आ रहा था अपनी दीदी की चूत बजाने में और दीदी को तो इतने दिनों बाद लंड खाने को मिला था उनको तो डबल मज़ा आ रहा था। कुछ देर बाद मै बहुत तेजी से दीदी को चोदने लगा , मेरा लंड पूरा अंदर तक जा रहा था, कुछ ही देर में मै झड़ने वाला था मैंने अपने लंड को निकाल कर मुठ मरने लगा, मै लगातार अपने लंड को आगे पीछे कर रहा था, और मेरी सांसे बढ़ रही थी कुछ देर बाद मेंरे लंड से मेरा सफ़ेद रंग का माल निकलने लगा। जब मेरे लंड से वार्य निकला तो मुझे अच्छा लगा, कुछ देर में मेरा लंड ढीला हो गया।

चुदाई के बाद दीदी ने बहुत देर तक मेरे लंड को चूस चूस कर फिर से खड़ा कर दिया। और मैंने बहुत देर तक दीदी की चूत को पिया, और साथ में उनके मम्मो को को भी दबाया। दीदी का मन नही भरा था पहली चुदाई से तो उनका मन और भी कर रहा था चुदने को तो मैने उनको एक राउंड फिर से चोदा।

चुदाई के बाद जब तक दीदी घर थी, जब उनका मन करता तो वो मुझसे खूब रगड़वा कर चुदवाती। इस तरह मैंने अपनी विधवा दीदी की चूत को चोदा। आप ये कहानी नॉन वेज सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे थे।

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