Indian Choot Ki Hindi Story

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Indian Choot Ki Hindi Story

एक दिन जब मेरे पास फोन आया तो मैं जल्दी जल्दी अम्मी जान को बिना बताये घर से निकल गयी। मुझे टाइम से पहुंचना था और मैं पहंच भी गयी थी।लेकिन जब घर वापस आयी तो मुझे लगा की अम्मी जान कुछ गुस्से में बैठीं हुईं हैं ।मुझे देख कर पूंछा - कहाँ गयी थी तू बुर चोदी, रेशमा ? मैंने भी उसी अंदाज़ में सच सच बता दिया - लण्ड चोदने गई थी मैं, अम्मी जान।वह जबाब सुनकर दंग रह गयी बोली - किसका लण्ड चोदने गई थी तू बिना मुझे बताये ?मैंने फिर बिंदास जबाब दिया - अपनी सहेली साइमा के अब्बू का लण्ड चोदने गई थी। उसने मुझे बुलाया तो कल भी था लेकिन जब मैं पहुंची तो उसने अपने अब्बूका लण्ड किसी और से चुदवा लिया था। उसने आज फिर बुलाया मुझे। मैं गई तो वह  choot ki chudai kahani

अपने सोफे पर नंगे बदन लुंगी पहने बैठा हुआ था। फिर साइमा ने खुद उसकी लुंगी में हाथ डाल कर लण्ड बाहर निकाल लिया और मुझे पकड़ाते हुए बोली लो रेशमा.आज तुम मेरे सामने चोदो मेरे अब्बू का लण्ड । फिर मैंने उसके अब्बू का लण्ड उसके सामने चोदा।अम्मी ने फिर पूंछा - कितना बड़ा है उस मादर चोद का लण्ड, बेटी रेशमा ?मैंने कहा - 9" लंबा है उसका लण्ड और मोटा 5" + है. लण्ड का टोपा ही 3" का है बहन चोद। लण्ड गोरा चिट्टा है, खूबसूरत और बड़ा सख़्त भी है, अम्मी जान ?उसने मुस्कराकर कहा - तो इसका मतलब तेरे अब्बू के दोस्त हनीफ के लण्ड की तरह है उसका लण्ड ?मैंने कहा - हां हां अम्मी जान, बिलकुल उसके लण्ड की ही तरह है ? लण्ड का टोपा तो बिलकुल वैसा ही है। एकदम अंडाकार और एकदम कड़क।मेरी अम्मी का नाम हबीबा बेगम है। choot chudai ki khani

वह 44 साल कीहै। बेहद खूबसूरत, गोरी चिट्टी और सेक्सी है। बड़ा नमक हैं मेरी अम्मी के जिस्म में। कुनबे के लोग और सारे नाते रिश्ते दार भी यहाँ तक की आने जाने वाले और गली मोहल्ले वाले लोग भी मेरी अम्मी की गांड के पीछे लगे रहतें हैं सिर्फ इसलिए की वह प्यार से मेरा लण्ड पकड़ ले।लण्ड जब पकड़ लेगी तो चुदवा तो लेगी ही बाद में ? अम्मी को भी लण्ड का बड़ा शौक है। उसको चोदने और चुदाने का भी बड़ा शौक है। उसे सामूहिक चुदाई का लीडर माना जाता है। उसको सबकी बुर में लौड़ा पेलने में बड़ा मज़ा आता है। वह जब सबकी बुर में लौड़ा पेल लेती है तब सबसे बाद में अपनी बुर में लौड़ा पेलती है। उसे सबकी चूत का बड़ा ख्याल रहता है।वो कोई लण्ड कभी भी छोड़ती नहीं है। आगे पीछे सबका लण्ड पकड़ ही लेती है।choot kahani hindi me

ये सब बातें मुझे मेरी खाला जान और फूफी जान से मालूम हुईं थीं। कमोवेश मेरी भी यही आदत है। मैं भी लण्ड की बड़ी जबरदस्त दीवानी हूँ। चोदने और चुदाने में|मैं भी खूब इंटरेस्ट लेती हूँ। सामूहिक चुदाई मेरा भी पसंदीदा खेल है। अपनी 17 साल की उम्र में मैंने अम्मी को रात पराये मरद का लण्ड पीते हुए देखा था।फिर एक दिन उसे खालू से चुदवाते हुए देखा। एक दिन तो गज़ब ही हो गया जब मैंने उसे अपनी नन्द के बेटे का लण्ड चाटते हुए देखा। उसने नहीं मालूम की मैं उसके कारनामे देख चुकी हूँ। पर इससे यह हुआ की मैं अम्मी से निडर हो गयी। बेशरम हो गयी और खुल कर बोलने लगी।एक दिन पता नहीं बात क्या थी। वह थोड़ा रोमांटिक मूड में थी तो बोली बेटी रेशमा, मैं किसी दिन तेरी माँ का भोसड़ा चोदूँगी।मैं भी उसी मूड में थी तो जबाब फ़ौरन दे दिया - तू मेरी माँ का भोसड़ा चोदेगी तो मैं भी तेरी बिटिया की बुर चोदूँगी ? फिर हम दोनों हंस पड़ीं।choot chudai hindi story

मैं पूरी तरह जवान हो चुकी थी और 18 साल की होने ही वाली थी।एक दिन मैं पड़ोस में रहीमा आंटी के घर चली गयी। आंटी तो नहीं मिली पर उसकी बेटी सलमा मिल गयी। वह मुझे देख कर बोली-अरी रेशमा तू बहुत सही मौके पर आयी है। चल मेरे साथ अंदर। वह मुझे अंदर ले गयी। वहां एक लड़का बैठा हुआ था।लड़का बड़ा हैंडसम था स्मार्ट था और एकदम नौजवान था। उसने मुझे अपने बगल में बैठाया और उसका पजामा का नाड़ा खोलने लगी। नाड़ा खुला तो पजामा ढीला हो गया।सलमा ने उसका लौड़ा पकड़ कर बाहर निकाला और प्यार से हिलाने लगी। लण्ड खड़ा होने लगा।मैं बड़े गौर से लण्ड देखने लगी। वह बोली रेशमा ये लौड़ा मेरी फूफी के बेटे समी का है। मुझे इसका लण्ड बहुत पसंद है। मेरी अम्मी जान को भी इसका लण्ड बहुत पसंद है।chut chudai kahani hindi

तुमने कभी कोई लण्ड चोदा है ? मैंने कहा नहीं यार मुझे तो लण्ड चोदना आता ही नहीं। वह बोली मुझे भी लण्ड चोदना नहीं आता था। अम्मी जान ने इसी का लण्ड मेरे सामने चोद कर मुझे लण्ड चोदना सिखाया।फिर उसी समय मैंने भी इसका लण्ड अम्मी के सामने चोदा। तब से मैं लण्ड चोदने लगी और अब मैं अपने कुनबे के सारे लण्ड चोदती हूँ।आज मैं तुमको भी सिखा दूँगी लण्ड चोदना। मैं लण्ड पकड़ कर चुमने और चाटने लगी. इतने में सलमा ने मेरे कपड़े खोल डाला। माइए मकोई ऐतराज़ नहीं किया।मुझे लड़कों के आगे नंगी होने में अच्छा लगने लगा। जब लड़का मेरे सामने नंगा हो और उसका लौड़ा मेरे हाथ में हो तो फिर कपड़ों का कोई मतलब ही नहीं। नंगी रहना बेहतर है।समी मेरी चूँची मेरी चूत सहलाने लगा। सलमा भी कपड़े उतार कर नंगी हो गयी। उसने समी को चित लिटाया और उसे खड़े लण्ड पर चढ़ बैठी। लण्ड पूरा उसकी चूत में घुस गया। वह झुक कर अपने चूतड़ उठा उठा के लण्ड पर पटकने लगी। वह बिलकुल उसी तरह लण्ड चोदने लगी जैसे लड़का लड़की की बुर चोदता है।

मैं उसे बड़े गौर से देखने लगी। फिर वह लण्ड से उतरी और मुझे लण्ड पे बैठा दिया। लण्ड मेरी भी चूत में पूरा घुस गया। मैं भी सलमा की तरह लण्ड पर अपने चूतड़ पटक पटक कर लण्ड चोदने लेगी। सलमा बोली हां यार बस ऐसे ही चोदे जाओ लण्ड।इसी को कहतें है लण्ड चोदना। इतने मे रहीमा आंटी कमरे में आ गयी। उसके हाथ में एक टन टनाता लण्ड था। वह भी बहन चोद नंगी थी।आते ही बोली - सलमा तू बुर चोदी यहाँ रेशमा को लण्ड चोदना सिखा रही है और मैं तेरे मियां का लण्ड चोद कर आ रही हूँ।सलमा ने कहा तो फिर कहाँ है मेरा मियां, अम्मी जान ? आंटी ने बताया की वह तेरी फूफी की बिटिया की बुर चोदने गया है सलमा ?उसके बाद फूफी का भोसड़ा भी चोदेगा तब आएगा। तब तक तुम लो ये मेरे बहनोई का लण्ड चोदो सलमा। रेशमा तो माँ की लौड़ी समी का लण्ड चोद ही रही है। उसका लण्ड चोदने के बाद वह भी मेरे बहनोई का लण्ड चोदेगी।आंटी की यह बार सुनकर मेरे मन में गुद गुदी होने लगी। मैं और जोर शोर से समी का लण्ड चोदने लगी। सलमा ने आंटी के बहनोई का लण्ड पकड़ कर पूंछा -तो फिर तू क्या करने जा रही है अम्मी जान ?वह बोली - मैं अपने देवर का लण्ड चोदने जा रही हूँ। वह बिचारा नंगा लेटा हुआ है मेरे कमरे में।chut ki chudai ki story

मुझे लगा की इसके घर में जैसे लण्ड चोदने की होड़ लगी हुई है। समी का लण्ड चोदने के बाद मैंने आंटी के बहनोई का लण्ड भी चोदा। फिर सलमा मुझे वहां ला गयी जहाँ उसकी अम्मी अपने देवर का लण्ड चोद रही थी। मुझे नंगी नंगी देख कर उसका लण्ड साला और तन गया। आंटी ने मुझे अपने देवर के लण्ड पे बैठा दिया और कहा-बेटी रेशमा अब तुम मेरे आगे मेरे देवर का लण्ड चोदो। आज मैं तुम्हे लण्ड चोदने में एक्सपर्ट बना दूँगी। मैं सच में लण्ड चोदने की एक्सपर्ट बन गयी। मैंने आंटी के कुनबे के कई लोगों के लण्ड चोदे और बार बार चोदे। सलमा ने एक दिन मुझे अपने अब्बू के लण्ड पे बैठा दिया. उसने मुझसे बड़े प्यार मोहब्बत से अपने अब्बू का लण्ड चुदवाया। उसने कहा यार मैं भी अपने अब्बू का लण्ड चोदती हूँ। यह सब मैंने अपनी 18 / 19 साल की उम्र में ही कर लिया थ     इस तरह हर रोज़ कुछ न कुछ चोदने का काम चलता ही रहा। एक दिन जब मैं बैठी थी तो मेरे अब्बू का दोस्त हनीफ आ गया।उसने पूंछा - अरे रेशमा , तेरी अम्मी जान कहा हैं ?मैंने कहा - अम्मी जान तो कहीं बाहर गईं हैं।वह बोला - कब आयेंगीं मालूम है कुछ तुम्हे ?chut chudai ki kahani hindi

मैंने कहा - मुझे कुछ नहीं मालूम, अंकल। पता नहीं कब आएगी ?वह थोड़ा मायूश हो गया और कहा - अच्छा तो फिर मैं चलता हूँ।मैंने कहा - ऐसी क्या बात है अंकल बैठो न शायद आ ही जाए। वैसे काम क्या था अम्मी से ?वह बोला - काम तो उसी से था रेशमा। अब वह नहीं है तो क्या बताऊँ ?मैंने कहा - बताओ न ? अगर मेरे लायक होगा तो मैं ही कर दूँगी आपका काम ?उसने मुझे ऊपर से नीचे तक देखा फिर बोला - हां कर तो सकती हो पर वह होती तो अच्छा होता ?मैंने कहा - अरे अंकल अब कुछ खोल कर बताओ न ? मैं अब बच्ची नहीं हूँ। एडल्ट हूँ 21 साल की हूँ। सब जानती हूँ और सब कर भी सकती हूँ।फिर वह अपने लण्ड की तरफ इशारा करके बोला - वह होती तो "मेरे इस" पर बैठती। मुझे भी मज़ा आता और उसे भी। बड़े प्यार से बैठती है तेरी अम्मी जान "मेरे इस" पर।मैंने मुस्कराकर कहा - तेरे "उस पर" तो मैं भी बैठ सकती हूँ, अंकल। मैं भी बड़े प्यार से बैठती हूँ.वह बोला - मुझे थोड़ी ,,हो रही है ?मैंने कहा - मैंने सुना है की तेरे "उस पर" तेरी बेटी भी बैठती है ?वह बोला - हां बैठती तो है ?

मैंने कहा - तो मुझे बैठाने में तेरी गांड क्यों फट रही है, अंकल ? तुझे अपनी बेटी को अपने लण्ड पे बैठाने में कोई शर्म नहीं आती और मुझे लण्ड पे बैठाने में शर्म आ रही है। एक बात सुन ले मेरे भोसड़ी हनीफ अंकल ? मेरी चूत अब मेरी माँ की चूत के बराबर हो गयी है। मेरी चूत तेरी बेटी की चूत का मुकाबला करती है। तेरे लण्ड पे तेरी बेटी बैठती है, मैं नहीं बैठ सकती ? ऐसा क्यों ? मैं तो बैठूंगी। अम्मी अगर आ भी गयी तो भी मैं बैठी रहूंगी तेरे लण्ड पे। मैं लण्ड से उतरूंगी नहीं। वो मेरा क्या कर लेगी ? मेरी एक झांट भी नहीं उखाड़ पायेगी बुर चोदी।मैं उठी और उसकी लुंगी खोल कर फेंक दी. अंदर तो वह बिलकुल नंगा था ही। मैंने उसका लौड़ा पकड़ा और बड़े प्यार से हिलाने लगी। लण्ड साला 9" का था. मोटा भी 5" + था। घोड़े की तरह हिनहिना रहा था लण्ड। लण्ड साला मेरे हाथ में आकर एकदम लोहे की तरह सख्त हो गया।मेरे मुंह से निकला - हाय अल्लाह क्या लौड़ा है तेरा बहन चोद तेरा अंकल ? एकदम अज़गर की तरह लग रहा है। अच्छा सच बताओ तुम कबसे मेरी माँ चोद रहे हो ? वह बोला मैं 10 साल से तेरी माँ चोद रहा हूँ। मैं कई लड़कियों की माँ चोदता हूँ पर जो मज़ा तेरी माँ चोदने में आता है वह मज़ा किसी और को चोदने में नहीं आता ? तेरी माँ बड़े दिल से और प्यार मोहब्बत से चुदवाती है।chut ki chudai hindi kahani

मैंने कहा आज मेरी माँ की बिटिया चोद कर देखो अंकल। मैं भी बड़े प्यार मोहब्बत से चुदवाती हूँ। तुम्हे उससे ज्यादा मज़ा आएगा। लेकिन पहले मैं तेरा लण्ड चोदूंगी।ऐसा बोल कर मैंने उसे पूरी तरह नंगा कर दिया और खुद भी मादर चोद नंगी हो गयी।उसका मर्दाना नंगा बदन मुझे बड़ा अच्छा और सेक्सी लग रहा था। लण्ड की झांटें एकदम साफ थी तो वह साला बड़ा मस्त और प्यारा लग रहा था। लण्ड का सुपाड़ा ही 3" का था। उधर मेरी चूत पर छोटी छोटी झांटें थीं। वह उन पर उंगलियां फिराने लगा और मेरे बूब्स दबाने लगा।मेरी चूत तो बुर चोदी गीली पहले ही हो गयी थी।मैंने उसे चित लिटा दिया और उसके खड़े लण्ड पर धच्च से बैठ गयी। लण्ड गच्च से एक ही बार में पूरा मेरी चूत में घुस गया और फिर मैं अपनी स्टाइल में चोदने लगी लण्ड। उसे मज़ा आने लगा तो वह बोला वाह रेशमा वाह मेरे लण्ड कभी किसी ने इस तरह नहीं चोदा।कभी कोई लड़की, कभी किसी लड़की की माँ मेरे लण्ड पर इस तरह नहीं बैठी। लेकिन अब मैं सबको अपने लण्ड पर इसी तरह बैठाऊंगा।

मैं मजे से लण्ड चोद रही थी की अचानक मेरी अम्मी जान कमरे में आ गईं। उसने मुझे हनीफ के लण्ड पर बैठी हुई देखा तो बोली -बहुत जल्दी थी तुझे लण्ड पे बैठने की बुर चोदी रेशमा ? तेरी माँ का भोसड़ा तू मेरा इंतज़ार नहीं कर सकती थी ?मैंने कहा - न मुझे जल्दी थी और न हनीफ को। अगर जल्दी किसी को थी तो वह मेरी चूत को थी और हनीफ के लण्ड को थी। उसका लण्ड मेरी चूत को बैठाना चाहता था तो बैठा लिया। मेरी चूत इसके लण्ड पे बैठना चाहती थी तो बैठ गयी। तेरी गांड में क्यों दर्द हो रहा है, बुर चोदी हबीबा ?अम्मी ने अपने कपड़े खोले और कहा अब तू ड्राइंग रूम में जा और वहां एक लड़का बैठा है। उसको नंगा करके उसका लण्ड पकड़ कर मेरे पास ले आ। तब तक हनीफ का लण्ड मैं चोदती हूँ।chut chudai ki kahani in hindi

मैं वैसी ही नंगी नंगी चली गयी। वह लड़का कोई और नहीं था बल्कि मेरी खाला का देवर रज्जाक था जो मेरी ही उम्र का था।मैंने कहा यार तू भी मादर चोद मेरी माँ का भोसड़ा चोदता है क्या ?वह बोला हां चोदता हूँ. तेरी माँ मेरी भाभी जान लगती है तो भाभी का भोसड़ा चोदना तो पड़ता है ना ? तेरी माँ तो जब देखो तब मेरा लण्ड पकड़ लेती हैं आज तुम भी मेरा लण्ड पकड़ लो ना ?मैंने कहा मैं तो तेरा लण्ड पकड़ने ही आयी हूँ। फ़टाफ़ट नंगा किया। पहली बार उसका लण्ड पकड़ा, उसे चूमा थोड़ा चाटा और फिर हिला हिला कर पूरा खड़ा कर दिया। मैं उसका लण्ड पकड़े पकड़े अम्मी जान के पास पहुँच गयी। मैंने देखा की अम्मी तो मस्ती से हनीफ का लौड़ा चोद रहीं हैं। वह बोली रेशमा अब तुम भी मेरे सामने रज्जाक का लौड़ा चोदो। फिर मैं भी जुट गई लण्ड चोदने में। जब हम दोनों लण्ड से उतरीं तो उसने हनीफ का लण्ड मेरी बुर में घुसा दिया तो मैंने रज्जाक का लण्ड उसकी बुर में पेल दिया। फिर हम दोनों आमने सामने बड़े मजे से चुदवाने लगीं।chut chudai khaniya

इसी तरह एक दिन अब्दुल अंकल से मुलकात हो गयी तो फिर मैंने उसका भी लण्ड चोदा और खूब तबियत से चोदा।एक दिन मेरा निकाह हो गया। मैं ससुराल चली गयी और एक महीने के अंदर ही मुझे ससुर के लण्ड के दर्शन हो गए। लण्ड बहन चोद हनीफ के लण्ड के टक्कर का था। रात का समय था। मैं अपने काबू में नहीं रह पाई और ससुर के कमरे में घुस गयी। घुसते ही देखा की उसका लौड़ा तो खड़ा हुआ है और वह खुद ही उसे सहला रहा है।मैंने लपक कर पकड़ लिया लण्ड और कहा ससुर जी लण्ड हम औरतों की चीज है। तेरी चीज मेरी चूँचियाँ हैं मेरी चूत है इसे चूसो। उसे भी जोश आ गया और फिर मैंने उसका लण्ड खूब जी भर के चोदा।


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