Savita Ki Chudai Ki Kahani

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सरिता की चूत का पानी 

लखनऊ से अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद मैं दिल्ली आ गया था और दिल्ली में ही मैं नौकरी करने लगा। दिल्ली में 

मेरी एक कंपनी में नौकरी लग गई और कुछ समय तक मैंने दिल्ली में जॉब की और फिर मैं नौकरी करने के लिए 

कोलकाता चला गया। कोलकाता से मुझे एक अच्छी कंपनी में जॉब करने का मौका मिला और मैं कोलकाता में 

नौकरी करने लगा। मैं कोलकाता में जॉब करने लगा था मैं काफी खुश था और बहुत ही जल्द मेरा प्रमोशन भी हो 

गया था। कोलकाता में ही मेरे ऑफिस में काम करने वाली सुनीता के साथ मेरा अफेयर चलने लगा हम दोनों एक 

दूसरे को प्यार करने लगे थे लेकिन सुनीता पहले से ही शादीशुदा थी और उसका तलाक कुछ समय पहले ही उसके ,chut stories in hindi

पति से हुआ था। हम दोनों एक दूसरे को बहुत ज्यादा प्यार करते थे इसलिए मुझे और सुनीता को एक दूसरे का 

साथ काफी अच्छा लगता।मैं चाहता था कि मैं सुनीता के साथ ही शादी करुं लेकिन सुनीता के जीवन में कई सारी 

परेशानियां थी इसलिए वह मुझसे दूर हो गई। मैं काफी ज्यादा परेशान था सुनीता और मेरे बीच काफी ज्यादा दूरियां hot chut story

हो चुकी थी और अब शायद हम दोनों एक दूसरे से बहुत ज्यादा दूर हो चुके थे इसलिए मैं काफी ज्यादा परेशान 

रहने लगा था। मैं चाहता था कि मैं वापस लखनऊ चला जाऊं कुछ समय के लिए मैं लखनऊ चला गया और जब मैं 

लखनऊ गया तो लखनऊ में मुझे काफी अच्छा लगा। काफी समय बाद मैं अपने पापा और मम्मी के साथ में अच्छा 

समय बिता पाया था। अपने पापा और मम्मी से मिलकर मैं बड़ा खुश था जिस तरीके से उन लोगों से इतने लंबे 

समय के बाद मेरी मुलाकात हुई थी उससे मैं बहुत ही ज्यादा खुश था और पापा मम्मी भी बहुत ज्यादा खुश थे। कुछ hindi long sexy story

दिनों तक लखनऊ में रहने के बाद मैं वापस कोलकाता लौट आया।जब मैं कोलकाता वापस लौटा तो यह भी एक 

अजीब इत्तेफाक था, जब मैं सरिता से मिला तो मुझे बहुत ही अच्छा लगा और सरिता को भी बड़ा अच्छा लगा जिस 

तरीके से हम दोनों ने एक दूसरे से बात की। सरिता कोलकाता में ही रहती है और उसने मुझे बताया कि वह 

कोलकाता पिछले 5 महीनों से रह रही है। मैंने उससे पूछा कि क्या तुम यहीं जॉब करती हो तो उसने मुझे बताया हां 

मैं कोलकाता में ही नौकरी करती हूं। सरिता मेरे दोस्त की बहन है और उससे मिलकर मुझे बड़ा अच्छा लगा। 

सरिता का ऑफिस मेरे ऑफिस के पास ही था इसलिए हम दोनों एक दूसरे से हर रोज मिला करते थे। मैं जब भी 

सरिता से मिलता तो मुझे उससे मिलकर अच्छा लगता। मेरी जिंदगी से सुनीता दूर हो चुकी थी मैं सुनीता को भुलाने 

की कोशिश कर रहा था। मैं सुनीता को भुला चुका था मैं और सरिता एक दूसरों को हर रोज मिलने लगे थे और जब 

भी हम दोनों एक दूसरे को मिलते तो हम दोनों को ही बहुत अच्छा लगता। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि सरिता 

मेरे इतने करीब आ जाएगी कि हम दोनों का रिलेशन चलने लगेगा। हम दोनों एक दूसरे से प्यार करने लगे थे और 

इसी वजह से हम दोनों हर रोज एक दूसरे को मिलते हैं।जब भी मैं सरिता को मिलता तो मुझे बड़ा ही अच्छा लगता 

था और उसे भी बहुत ही अच्छा लगता। हम दोनों एक दूसरे के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताने की कोशिश 

करने लगे थे। यह बात अब सरिता के परिवार वालों को भी मालूम चल चुकी थी और उन्होंने सरिता को जब इस बारे ,chudai ki kahani chudai ki kahani

में पूछा तो सरिता ने मेरे और अपने रिलेशन के बारे में अपने घर पर बता दिया था। सरिता के परिवार वालों को 

इससे कोई भी ऐतराज नहीं था और वह लोग भी चाहते थे कि हम दोनों की शादी हो जाए। मैं एक अच्छी कंपनी में 

जॉब करता हूं और सब लोग मुझे पहले से ही जानते थे इसलिए हम दोनों की जिंदगी में अब काफी बदलाव आने 

लगा था। हम दोनों ने सगाई करने का फैसला कर लिया था हम दोनों की जब सगाई हुई तो उसके बाद हम दोनों के 

बीच और भी ज्यादा नजदीकियां बढ़ती चली गई और अब हम दोनों एक दूसरे को बहुत ज्यादा प्यार करने लगे थे। 

यही वजह थी कि हम दोनों जल्द से जल्द एक दूसरे से शादी करना चाहते थे।मैंने पूरी तरीके से सोच लिया था कि 

अब मैं और सरिता एक दूसरे से शादी कर लेंगे और हम दोनों ने शादी करने के बाद कोलकाता में ही रहने का 

फैसला किया। मैं भी कोलकाता में जॉब करता हूं और सरिता भी कोलकाता में ही जॉब करती है इसलिए हम दोनों 

एक दूसरे के साथ रहने लगे थे। हम दोनों की शादी शुदा जिंदगी अच्छे से चल रही थी शादी के कुछ महीनों बाद ही 

मैंने और सरिता ने एक फ्लैट लेने के बारे में सोचा और हम लोगों ने जल्द ही कोलकाता में एक फ्लैट ले लिया। हम 

दोनों बड़े ही खुश थे कि हम लोगों ने वहां पर फ्लैट ले लिया था और अब हमारी जिंदगी और भी अच्छे से चलने लगी ,sexy story antarvasna

थी और हम दोनों के बीच की नजदीकियां भी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी। हम दोनों एक दूसरे को अच्छे से समझते हैं 

इसलिए हम दोनों एक दूसरे के साथ समय बिताने की कोशिश किया करते। काफी लंबे समय बाद हम लोग 

लखनऊ वापस लौटे थे। जब हम लोग लखनऊ वापस गए तो हम लोगों ने अपने परिवार के साथ में अच्छा समय 

बिताया और कुछ दिन के लिए सरिता भी अपने घर पर चली गई थी।सरिता अपने घर पर गई तो सरिता कुछ दिनों 

के लिए अपने घर पर ही रही और फिर मैं कुछ दिन बाद सरिता को लेने के लिए उसके घर पर गया और वहां पर मैं sexy kahani bhai bahan ki

एक दिन के लिए रुका। हम लोग अब जल्द ही कोलकाता वापस लौटने वाले थे और जब हम लोग कोलकाता वापस 

लौटे तो हम दोनों को बिल्कुल भी समय नहीं मिल पा रहा था। मैं भी अपने ऑफिस के काम के चलते बिजी था और 

सरिता भी अपने ऑफिस के काम के चलते बिजी थी इसलिए हम दोनों एक दूसरे को कम समय दे पा रहे थे। मैंने 

अपनी छुट्टी के दिन सरिता से कहा कि आज तुम भी ऑफिस से छुट्टी ले लो क्योंकि सरिता को उस दिन ऑफिस 

जाना था और वह सुबह ऑफिस के लिए तैयार हो चुकी थी। मैंने सरिता से कहा कि आज तुम ऑफिस से छुट्टी ले 

लो तो सरिता ने भी मेरी बात मान ली और उसने उस दिन ऑफिस से छुट्टी ले ली। जब सरिता ने ऑफिस से छुट्टी ली 

तो मुझे भी इस बात की बड़ी खुशी थी कि हम दोनों एक दूसरे के साथ अच्छा समय बिता पाएंगे। उस दिन हम दोनों padosan ki chudai hindi story

ने एक दूसरे के साथ में काफी अच्छा टाइम स्पेंट किया और हम दोनों को बड़ा ही अच्छा लगा।उस दिन हम दोनों 

साथ में घूमने के लिए गए और रात में हम लोगों ने अपने घर के पास ही एक रेस्टोरेंट है वहां पर हम लोगों ने डिनर 

किया फिर हम लोग घर लौट आए। अगले दिन हम दोनों को ही ऑफिस जाना था इसलिए हम दोनों जल्दी ही सो 

गए थे और अगले दिन हम दोनों अपने ऑफिस चले गए। उस दिन जब हम लोग घर लौटे तो मैंने और सरिता ने उस nanad ki chudai kahani

दिन सेक्स के बारे मे सोचा और हम दोनो उस रात डिनर करने के बाद जब साथ मे लेटे थे तो हम दोनो तडप रहे 

थे। मेरा हाथ सरिता के स्तनो पर था और मैं उसके स्तनो को चूसना चाहता था। जब मैंने सरिता के कपडो को 

खोलकर उसके स्तनो को चूसना शुरू किया तो मुझे मजा आ रहा था और वह मेरा साथ देने लगी थी। जब मैं और 

सरिता एक दूसरे को गरम कर रहे थे तो मुझे मजा आ रहा था। सरिता मेरे लंड को चूसने के लिए तडप रही थी। मैंने xnxx ki kahani

सरिता के सामने लंड को किया तो सरिता मेरे लंड को चूसने लगी और मेरे लंड से पानी निकलने लगा। सरिता मेरे 

लंड को कठोर बना चुकी थी और मुझे लग चुका था वह अब रह नहीं पाएगी इसलिए मैंने सरिता की चूत को भी 

चाटना शुरु किया।सरिता की चूत से उसका गिला पदार्थ निकल रहा था। मैंने सरिता की चूत को अच्छे से चाटा। 

मुझे सरिता की चूत को बहुत देर तक चाटा मेरी गर्मी बहुत बढ चुकी थी। मैं सरिता की चूत को बहुत देर तक 

चाटता रहा। मुझे अब सरिता को पूरी तरह गरम कर दिया था वह मेरे लंड को चूत मे लेने को तरस रही थी। मैंने 

सरिता की चूत के अंदर लंड डाला। मेरा लंड सरिता की चूत की दीवार तक जा चुका था और मैं सरिता को तेजी से 

चोदने लगा। सरिता भी अपने पैरो को चौडा करने लगी और मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जब मैं सरिता की चूत के 

मजे ले रहा था और मुझे बहुत अच्छा लगता जिस तरह से मैं सरिता की चूत के अंदर बाहर अपने लंड को करता जा 

रहा था। अब सरिता और मैं पूरे जोश मे आ चुके थे। सरिता मुझे बोली और तेजी से चोदते जाओ। मैं सरिता के पैरो 

को अपने कंधे पर रख चुका था और सरिता की चूत मारने मे मुझे मजा आ रहा था। मेरा लंड आसानी से सरिता की 

चूत के अंदर बाहर होता तो वह भी मेरा पूरा साथ देती।सरिता की चूत के अंदर से निकलता हुआ पानी मेरे लंड को 

और भी गरम करता जा रहा था। अब सरिता मुझे अपने पैरो के बीच मे जकडने की कोशिश कर रही थी। मैं सरिता 

की चूत पर तेजी से प्रहार कर रहा था और मेरी गर्मी सरिता की चूत के अंदर बाहर होती जिस से मेरी आग बढने 

लगी और सरिता की चूत से निकलता पानी बहुत अधिक हो चुका था। मैंने सरिता की चूत मे अपने माल को गिराया 

और उसकी चूत से लंड को बाहर निकाला तो वह उसे चूसने लगी। वह मेरे लंड को जिस तरह से चूस रही थी उस 

से मुझे मजा आ रहा था और मैं खुश था। उसने मेरे लंड पर लगे माल को चाट लिया था और अब हम दोनो साथ मे लेटे थे।

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